The Womb
Home » Poems

Category : Poems

Poems

Poems

लैंगिक समानता की उम्मीद

Guest Author
वैशाली मान (दिल्ली विश्वविद्यालय) मैंने देखा है समाज बदल रहा है, धीरे धीरे लैंगिक समानता को स्वीकार कर रहा है। मगर फिर भी औरत को...
Poems

क्या अब भी मानव बदलेगा?

Guest Author
कभी सिसकती बालाओं की,  सुध लेती थी जनता सारी, आज चहकती अबलाओं की,  चिता सजाने की तैयारी।। कब तक ऐसी दशा रहेगी?  कब तक तांडव...